Advanced International Journal of Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2584-0487   Impact Factor: 9.11

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मेवाड़ राज्य का भौगोलिक एवं ऐतिहासिक परिचय

Author(s) आशा सुनारीवाल
Country India
Abstract राजस्थान के दक्षिणी भाग में स्थित मेवाड़ राज्य भारतीय इतिहास का एक गौरवशाली क्षेत्र रहा है। इसका भौगोलिक क्षेत्र आज के उदयपुर, सलूम्बर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, भीलवाड़ा और डूंगरपुर-बांसवाड़ा जिलों के कुछ हिस्सों में फैला हुआ है। अरावली पर्वतमाला की ऊँचाईयों और झीलों से घिरा यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और वीरता दोनों का प्रतीक है।
मेवाड़ का भौगोलिक स्वरूप विविधतापूर्ण हैकृयहाँ पहाड़, झीलें, घाटियाँ, वन क्षेत्र और उपजाऊ मैदानी भाग सब एक साथ दिखाई देते हैं। जलवायु सामान्यतः शुष्क है, लेकिन उदयपुर, सलूम्बर, डूंगरपुर एवं बांसवाड़ा के आसपास का इलाका झीलों के कारण अपेक्षाकृत नम रहता है। इसीलिए उदयपुर को “झीलों की नगरी” कहा जाता है।
‘‘हिंदुआ सूरज‘‘ उपनाम से प्रसिद्ध रहे भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी-पश्चिमी भाग में स्थित राजस्थान का दक्षिणी-पश्चिमी भू-भाग अर्थात् मेवाड़ राज्य विभिन्न नामों से प्रसिद्ध रहा है। द्वितीय शताब्दी ई. पू. में ये क्षेत्र ‘शिबि‘ जनपद के नाम से प्रसिद्ध था तो बाद में ‘प्राग्वाट‘ कहलाया । संस्कृत शिलालेखों एवं ग्रन्थों में यह ‘मेरों का देश‘ अर्थात् ‘मेदपाट‘ नामकरण से भी सम्बोधित किया गया है।
Keywords भारतीय इतिहास, मेवाड़, बलिदान, झीलों की नगरी, हस्तशिल्प, पधारो म्हारे देश
Discipline Other
Published In Volume 2, Issue 2, March-April 2024
Published On 2024-04-06

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