Plagiarism is checked by the leading plagiarism checker
Volume 4 Issue 4
July-August 2026
| Author(s) | Kamlesh dhaker |
|---|---|
| Country | India |
| Abstract | महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के उन महान शासकों में से हैं जिन्होंने स्वतंत्रता, स्वाभिमान, राष्ट्रप्रेम और त्याग की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत की। वे मेवाड़ के सिसोदिया वंश के वीर शासक थे, जिन्होंने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार करने के स्थान पर आजीवन संघर्ष का मार्ग चुना। उनका जीवन केवल युद्धों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने प्रशासन, जनकल्याण, सैन्य संगठन, पर्यावरण संरक्षण तथा सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। राजस्थान के इतिहास में उनका स्थान एक ऐसे शासक के रूप में है जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने राज्य की स्वतंत्रता और गौरव को बनाए रखा। प्रस्तुत शोध-पत्र में महाराणा प्रताप के जीवन, संघर्ष, प्रशासनिक नीतियों तथा राजस्थान के इतिहास पर उनके स्थायी प्रभाव का विश्लेषण किया गया है। |
| Keywords | महाराणा प्रताप, मेवाड़, हल्दीघाटी, राजस्थान, अकबर, स्वतंत्रता, इतिहास |
| Discipline | Arts |
| Published In | Volume 4, Issue 4, July-August 2026 |
| Published On | 2026-07-26 |

E-ISSN 2584-0487All research papers published on this website are licensed under Creative Commons Attribution-ShareAlike 4.0 International License, and all rights belong to their respective authors/researchers.