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Volume 4 Issue 3
May-June 2026
| Author(s) | Dr. मीनाक्षी मीना |
|---|---|
| Country | India |
| Abstract | वर्तमान डिजिटल युग में सोशल मीडिया ने मानव जीवन के हर पहलू को प्रभावित किया है, विशेषकर पारिवारिक संबंधों को। यह शोध-पत्र सोशल मीडिया के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों का विश्लेषण करता है तथा यह समझने का प्रयास करता है कि किस प्रकार यह पारिवारिक संवाद, भावनात्मक जुड़ाव और संबंधों की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। इक्कीसवीं सदी के द्वितीय दशक से आरंभ हुई डिजिटल क्रांति ने मानवीय जीवन के हर पहलू को प्रभावित किया है, किंतु समाजीक संरचनाओं उनमें से परिवार संस्था पर इसका प्रभाव सर्वाधिक गहन और व्यापक रहा है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हॉट्सएप।, ट्विटर, यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया मंच आज केवल मनोरंजन के साधन नहीं हैं, अपितु मानवीय संबंधों का निर्माण और विध्वंस करने वाले शक्तिशाली उपकरण बन गए हैं। वैश्विक स्तर पर देखें तो वर्ष 2024 तक विश्वभर में सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की संख्या 5.07 अरब से अधिक हो चुकी है, जो विश्व की कुल जनसंख्या का लगभग 63% है (DataReportal, 2024)। भारत के संदर्भ में यह आंकड़ा विशेष रूप से चिंताजनक है— देश में अनुमानित 80 करोड़ से अधिक सक्रिय सोशल मीडिया उपयोगकर्ता हैं, और प्रतिदिन औसतन 2 से 3 घंटे इन मंचों पर व्यतीत करते हैं (ट्राई, 2023)। |
| Keywords | |
| Discipline | Other |
| Published In | Volume 3, Issue 4, July-August 2025 |
| Published On | 2025-07-09 |

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