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Volume 4 Issue 3
May-June 2026
| Author(s) | Dr. मीनाक्षी मीना |
|---|---|
| Country | India |
| Abstract | सतत विकास वर्तमान समय की एक महत्वपूर्ण वैश्विक आवश्यकता बन चुका है। प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन, पर्यावरण प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, सामाजिक असमानता तथा आर्थिक संकट जैसी समस्याओं ने मानव समाज के समक्ष गंभीर चुनौतियाँ उत्पन्न की हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए केवल सरकारी नीतियाँ पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी और सामाजिक जागरूकता भी अत्यंत आवश्यक है। सामाजिक जागरूकता लोगों में पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के उचित उपयोग, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति चेतना उत्पन्न करती है। यह शोध पत्र सतत विकास की अवधारणा, सामाजिक जागरूकता की भूमिका, इसके प्रभाव तथा सतत विकास के लिए आवश्यक उपायों का समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है। |
| Keywords | सतत विकास, जीवन-स्तर, जीवन-अवसर, पारिस्थितिकी, जागरूक, आर्थिक वृद्धि, संसाधन, सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व, जलवायु परिवर्तन |
| Discipline | Other |
| Published In | Volume 2, Issue 6, November-December 2024 |
| Published On | 2024-11-04 |

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