Advanced International Journal of Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2584-0487 •   Impact Factor: 9.11

An Open Access Peer Reviewed Multidisciplinary Bi-monthly Scholarly International Journal

Call for Paper Volume 4 Issue 5 September-October 2026 Submit your research before last 3 days of October to publish your research paper in the issue of September-October.

ग्रामीण महिला नेतृत्व और राजनीतिक सहभागिता: एक समाजशास्त्रीय अध्ययन

Author(s) काली चरण, डॉ. आलोक कुमार मीना
Country India
Abstract 73वें संविधान संशोधन (1992) ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए कम से कम एक-तिहाई स्थान आरक्षित कर ग्रामीण भारत की राजनीति में महिलाओं के प्रवेश का संस्थागत मार्ग खोला। राजस्थान ने आगे चलकर यह आरक्षण 50 प्रतिशत तक बढ़ाया। इस समाजशास्त्रीय आलेख का उद्देश्य यह जाँचना है कि आरक्षण से महिलाओं की संख्यात्मक उपस्थिति तो बढ़ी, किंतु क्या उससे वास्तविक नेतृत्व और सार्थक राजनीतिक सहभागिता भी विकसित हुई। आलेख प्रतिनिधित्व की संख्यात्मक, वर्णनात्मक और सारभूत प्रकृति के भेद को आधार बनाकर विश्लेषण करता है और “सरपंच पति” की प्रथा, जातिगत संरचना, पितृसत्तात्मक मान्यताओं, शिक्षा एवं संसाधनों की कमी तथा संस्थागत बाधाओं को प्रमुख अवरोध के रूप में चिह्नित करता है। साथ ही यह उन उदाहरणों पर भी ध्यान देता है जहाँ महिला प्रतिनिधियों ने पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर नेतृत्व का नया स्वरूप गढ़ा है। विश्लेषण द्वितीयक स्रोतों और प्रकाशित शोध पर आधारित है। निष्कर्ष यह है कि आरक्षण राजनीतिक सहभागिता का आवश्यक, पर अपर्याप्त साधन है; इसकी सफलता प्रशिक्षण, सामाजिक परिवर्तन और संस्थागत जवाबदेही पर निर्भर करती है।
Keywords ग्रामीण महिला नेतृत्व, राजनीतिक सहभागिता, पंचायती राज, महिला आरक्षण, सरपंच पति, पितृसत्ता, राजस्थान
Discipline Other
Published In Volume 4, Issue 5, September-October 2026
Published On 2026-10-16

Share this